हर अहसास के लिए अलग रिश्ता
हर अहसास के लिए अलग रिश्ता :
••••••••••••••••••••••••••••••••
हम सभी अपने आसपास बहुत से रिश्तों से जुड़े हुए रहते हैं। सबके साथ निभाते भी हैं। फिर भी क्या हमने एक महत्वपूर्ण बात ये महसूस की है कि जिसे हम चाहते हैं उससे हम वो हर जरूरत की पूर्ति महसूस करते हैं । जो बाकी रिश्तों से हमें मिल रही होती है ....? ?
चलिए इस बात को थोड़ा और विस्तार से समझते हैं। हमारी बहुत सी व्यवहारिक choices होती हैं। उन choices के साथ जीना हमें अच्छा लगता है। लेकिन अगर उन choices में कोई साथ मिल जाये तो मज़ा और बढ़ जाता है। जैसे कि अगर music पसन्द है और कोई ऐसा बंदा साथ हो जिसे भी music में रुचि हो तो tunning बहुत अच्छी बैठ जाती है। रुचियाँ एक जैसी तो बातें एक जैसी। फिर समय बेहतरीन गुजरता है। इसी तरह अगर आपको gardening पसन्द है और कोई ऐसा दोस्त बन जाये जो भी बागवानी का शौक रखता हो और जानकारियां share करता हो तो क्या ही मज़े आ जाएं। अगर आपको travelling पसन्द है और कोई ऐसा दोस्त हो जिसे भी घूमना फिरना पसन्द हो तो फिर उसके साथ दुनिया घूमी जा सकती है। इन सारे उदाहरणों से ये समझने की जरूरत है कि रुचियों के हिसाब से जिंदगी के रिश्तों का बंटवारा जरूरी है।
अब इस बात का दूसरा पहलू देखते हैं। एक वह इंसान जिसे हम अपना समझते हैं। जिसके करीब रहने से हमें अच्छा लगता है। हम चाहते हैं कि हम हमेशा उसी के पास रहें। पर क्या कभी हमने ये सोचा कि जिसे हम अपने पास रखने की जिद पकड़े हुए हैं। उसकी कुछ अपनी भी choices होंगीं अपना lifestyle होगा। जीने का एक अलहदा तरीका होगा। जो जरूरी नहीं कि प्यार के खातिर बदला जा सके। ऐसे में उस इंसान से अगर हम ये उम्मीद रखें कि वो हमारी सारी रुचियों के हिसाब से एक perfect रिश्ता बनकर हमारे पास रहे तो ये क्या मुमकिन होगा। क्योंकि अपने अपने व्यवहार के अनुसार जीवनचर्या और रुचियाँ निर्धारित होती है। इसलिए ये उम्मीद रखना की वह एक व्यक्ति गागर में सागर की तरह हमारी हर अपेक्षा पर खरा उतरेगा....गलत होता है। और यही मतभेदों का कारण बनता है।
अपने आसपास के वो तमाम रिश्ते जो किसी एक खास जरूरत को पूरा करते हैं। उन्हें संजो कर रखना चाहिए। एक वो जिनसे हम free होकर gossipping कर सके। एक वो जिनके साथ marketing कर सके। एक वो जो outing का शौकीन हो उसके साथ घूमने जाया जा सके। ऐसे ही एक वो जो gardening का शौकीन हो जो plants की sharing करे और useful tips भी दें।
बस इसी तरह रुचियों के अनुसार तमाम रिश्ते... जो हमारी जिंदगी को गुलज़ार बनाते हों। एक रिश्ते में ये सारी खूबियां ढूंढ कर उस पर बोझ नहीं डालना चाहिए। क्योंकि यही बोझ बाद में हमारे सबसे प्यारे की कमर तोड़ देता हैं।इसलिए उस प्रिय के साथ उसकी भी choices वाला रिश्ता निभाया जाए। और अपनी choices के लिए कुछ दूसरे रिश्ते बनाकर रखा जाए।
◆●◆●◆●◆●◆●◆●◆●◆●◆●◆●◆

Comments
Post a Comment