नियमों को घोर अनियमितता
नियमों की घोर अनियमितता : •••••••••••••••••••••••••• ज़बरदस्ती पकड़कर , बल्कि दबोचकर विकास करने की जो परम्परा सत्ताएं निर्धारित कर रही वो बिल्कुल गलत है। अब निशाना बनाया गया हैं ट्रांसजेंडर समुदाय को... अक्सर हुकूमतों के हाथ में मनमानी और विनाश की इतनी मोटी लकीर होती है कि किसी का भला हो ही नही सकता । जिसके लिए कानून बनाते हैं , उसी को सबसे पहले अनदेखा करते हैं। सबसे पहले किसी समुदाय को निशाने पर लिया जाता है फिर न उसकी सुनी जाती हैं, न उन पर कोई रिसर्च किया जाएगा, बस खींचकर, ज़बरन, उस समुदाय का विकास करने के लिए अनाप शनाप नियम थोपे जाएंगे । जिससे वह पूरा समुदाय दहल उठेगा। कोई सत्ता से ये पूछे कि क्या औरत या आदमी होने का कोई मेडिकल टेस्ट होता है। अगर यही करना है तो हर किसी को कहा जाए एक की वह मेडिकल सर्टिफिकेट ले कि वह medically औरत है या आदमी, वरना फिर यह ज़बरदस्ती ट्रांसजेंडर के साथ आख़िर क्यों....?? ट्रांसजेंडर समुदाय के अधिकारों पर एक बार फिर हमला हुआ है। बिना वजह के सरकारी नियमों और बंदिशों का हमला। 2026 का नया ट्रांसजेंडर संशोधन बिल सिर्फ एक कानून नहीं, बल...











