यात्रा का अनुभव - 2
यात्रा का अनुभव - 2 •••••••••••••••••••• एक महत्वपूर्ण बात ये है कि अगर सीख कहीं से भी मिले तो उसे अपनाने में शर्मिंदगी नहीं महसूस होनी चाहिए। अपनी इस थाईलैंड की यात्रा में मैनें बहुत से अनुभवों को महसूस किया। जिन्हें अगर हम भारतवासी अपना लें तो बहुत बेहतर हो सकते हैं। पर जब बदलाव की बात होती है तब हम बदलने के लिए हमेशा दूसरों की ओर देखते हैं। एक बात और जो मैनें महसूस की ... कि लोग पैदल बहुत चलते हैं। अगर छोटी दूरी की जगह है तो कोशिश यही करते है कि वहां पैदल ही चलें जायें। हालांकि मेट्रो, टैक्सी, ऑटो और सार्वजनिक बसें भी है फिर भी ज्यादातर लोग पैदल ही चलते दिखते हैं। जोधपुर में हम office कैंपस के ही रहवासी कॉम्प्लेक्स में रहते हैं। घर से office walking distance पर रहते हैं। मेरे पति ने सोचा कि बिटिया की racer cycle से ही office चले जाया करें। थोड़ी exercise ही हो जाएगी। दो चार दिन गए तो साथ काम करने वाले सभी टोकने लगे...कि क्या Dr साहेब, petrol के पैसे बचा रहे हो क्या। आप जिस post पर हो उसमें cycle चलाना आपको शोभा नहीं देता वग़ैरह वग़ैरह। इसके चलते आखिरकार मेरे पति वापस गाड़ी से ही of...







