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सत्ता के मदमस्त वहशी समर्थक

सत्ता के मदमस्त वहशी समर्थक:         •••••••••••••••••••••••••••••••• इस समय हिंदुस्तान बहुत ही दयनीय स्थिति में पहुँच चुका है। जहाँ सत्ता में तानाशाही और जनता में अंधभक्ति चरम पर है।  "ज़ब नाश मनुज पर छाता है, तो पहले विवेक मर जाता है"  बस यही सब कुछ आज हो रहा। जो लोग ग़लत होते हुए देख कर भी उसे ग़लत नहीं बोल रहे क्योंकि सत्ता पर बैठे लोग उनके पसंदीदा हैँ। वो ही घटने वाली हर दुर्घटना के जिम्मेदार हैँ। ग़लत और अन्याय के खिलाफ बोलने या आवाज़ उठाने के लिए बस सत्य कि ज़रूरत होती है। और सत्य को परखने के लिए भी तमाम साधन मौजूद होते गईं। पर इन सब से परे आँख पर पट्टी कान में रुई और मुहं पर ताला लगाकर बैठ जाना उन अंधभक्तों कि फ़ितरत बन गई है। सिर्फ़ एक व्यक्ति को शीर्ष पर रखने कि चाह ने 140 करोड़ देशवासियों को न्यूनतम स्तर पर लाकर खड़ा कर दिया है।  बिहार के एक इलाके जमहूई में बीती शाम एक ऐसे घटना हुई जिसने पूरे देश को शर्मसार कर दिया। लेकिन कमाल ये है कि सत्ता कि तरफ से कोई भी संवेदना सन्देश या आश्वासन नहीं आया.... क्योंकि वो एक आम लड़की थी। नेता या मंत्री कि बेटी न...

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