Smash the Patriarchy
Smash the Patriarchy : ••••••••••••••••••••••••••• अगर सही मायनों में देखें तो मैं किसी राजनितिक पार्टी की पक्षधर नहीं हूँ सभी अपनी खामियाँ और खूबीयाँ हैँ। परन्तु कोई भी राजनितिक व्यक्ति अगर सही मुद्दे ओर बात करे तो वो बात सब तक पहुँचनी चाहिए। और ये बात दुनिया की आधी आबादी महिला समबन्धित है। हिंदुस्तान में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने एक सभा की.... और सबकी एक ऐसी नस दबा दी है कि.. लोग बिलबिला रहे हैं...बौखलाए हुए हैं, अंदर ही अंदर उफन रहे हैं। मगर सार्वजनिक तौर पर बोलने का जिगरा पैदा नहीं कर पा रहे। हिम्मत नहीं हैँ.. औकात नहीं हैँ...... मुद्दा है "Smash the Patriarchy."... स्वतंत्र देश में लोकतांत्रिक प्रक्रिया के रास्ते सत्ता की हसरत रखने वाले किसी राजनेता ने शायद ही कभी खुले सार्वजनिक मंच से इस अंदाज़ में तमाम स्त्रियों से यह आह्वान किया हो कि पुरुषवादी व्यवस्था को जड़ से उखाड़ कर फेंक दो। नेस्तनाबूत कर दो.........जमींदोज़ कर दो ! अगर आपको ऐसी कोई मिसाल याद हो तो बताइएगा। मुझे तो याद नहीं आती। और इसीलिए इस एक वाक्य के इर्दगिर्द जो बेचैनी दिखाई दे रही है वह अपने आप म...




