उम्मीदों के साथ जगो

उम्मीदों के साथ जगो : 

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रोज उम्मीदों के साथ जगो

फिर कोशिशें भरपूर रखो

परिस्थितियां बदलेगी फ़िर

वक्त की जुबां से मिठास चखो

बस सोच ही तो बदलनी है

कर पाओगे ये विश्वास रखो

सब कुछ बेहतर हो जाएगा 

मायूसी को खुशियों से ढको

कोशिशें कामयाब हो जाती हैं

गर थोड़ी जिद और हिम्मत हो

हौसलों की आग अंदर लेकर

जो जमाने के संग चल सको

रोज उम्मीदों के साथ जगो

और बेहतरी की आस रखो ...

      ~ जया सिंह ~

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