लक्ष्य प्राप्ति के नियम

लक्ष्य प्राप्ति के नियम : 

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किसी लक्ष्य या उपलब्धि को पाने के लिए सबसे पहले खुद को कुछ points पर सशक्त करना जरूरी है। क्योंकि जब तक कुछ महत्वपूर्ण बिन्दुओ को नहीं समझा जाता तब तक वो रास्ता तय करने या उस तक पहुंचने का तरीका अपनाने में बहुत मुश्किलों का सामना करना पड़ेगा। एक मजबूत इरादों के साथ कुछ नियम अगर बना लिए जसए तो लक्ष्य तक पहुंचना आसान हो जाता है। ये नियम हमें हमारे लक्ष्य से बांधे रखते हैं। तनिक विस्तार से उन पॉइंट्स को समझने की कोशिश करते हैं। 

1. Collabrative होना - अगर लक्ष्य में दूसरों का भी सहयोग लेना पड़े तो उसके लिए तैयार होना चाहिए। साथ ही कुछ सम्बंध ऐसे बनाकर रखने चाहिए जो सहयोग करके कार्य की गुणवत्ता बढ़ाने में साथी बने।

2. Limited होना - अर्थात अपने लक्ष्य के प्रति सीमित हो जाना। मन का भटकना और अन्य मुद्दों को प्राथमिकता  देना सीमितता से दूर करेगा। जब focused रहेंगे तभी लक्ष्य प्राप्त होगा।

3. Appreciable attitude होना - छोटे छोटे टारगेट्स को प्राप्त करने पर खुद को शाबाशी देना चाहिए। इससे हौसला बढ़ता है। और आगे और मेहनत करने की ऊर्जा मिलती है।

4. Refinable होना - हमेशा अपने achivments के लिए बदलाव और बेहतरी की गुंजाइश बनाकर रखनी चाहिए। जितना लचीलापन होगा उतना टूटने और जड़ होने की गुंजाइश खत्म होगी। आगे बढ़ने के लिए उत्साह मिलेगा।

5. Emotional होना  - अपने लक्ष्य को दिल से जुड़ा महसूस करना चाहिए। क्योंकि बिना मन या उत्साह के कोई भी लक्ष्य नहीं पाया जा सकता। अगर पा भी लेंगे तो शायद उसको पाने का सुख नहीं उठा सकते।

6. Clarity होना - जो भी लक्ष्य हमें पाना है उसके प्रति हमारे मन में पूरी clarity होनी चाहिए। क्योंकि बहुत से मोड़ों पर स्थितियां बदलती है। ऐसे में हमारा भटकाव हमें लक्ष्य से दूर कर सकता है।

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