बड़े लोगों की छोटी सोच

बड़े लोगों की छोटी सोच : 

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1953 में जन्मा जेफ़री एडवर्ड एप्सटीन एक यौन अपराधी और निवेशक था। शुरु से ही उसे प्रसिद्ध होने और अधिक से अधिक धन कमाने की लालसा ने जकड़ रखा था। जिसके लिए उसने गलत राह पकड़ने से भी गुरेज नहीं किया। जेफ़री ने एक कुलीन सामाजिक दायरा बनाया जिसमें संभ्रांत महिलाओं और बच्चों को शामिल किया और फ़िर उनका अपने सहयोगियों और आमंत्रित लोगों से यौन शोषण करवाया। उसके ख़िलाफ़ ये भी आरोप था कि वह कई नामी गिरामी हस्तियों को भी बच्चियां सप्लाई किया करता था। आजकल इसी की फ़ाइल खुलने की चर्चा काफी हो रही। जिसमें नाम आ जाने भर से लोगों की नींद हराम है। 

 जेफ़री को 6 जुलाई को यौन अपराध को सरंक्षण देने के आरोप में गिरफ्तार किया गया। और अगस्त 2019 में जेल में कथित तौर पर आत्महत्या कर लेने की बसत सामने आई  । उसके पास विश्व भर के रसूख़दार लोगों के आपत्तिजनक फोटो और वीडियोज़ थे ,जो अब एप्स्टीन फ़ाइल्स के रिलीज़ होने के नाम से लोगों के सामने आ रही है और अनेक चौंकाने वाले रोज़ -रोज़ ख़ुलासे हो रहे हैं । जेल में कड़ी निगरानी के बाद भी वह मृत पाया था। जिस पर कई लोगों ने संदिग्ध हत्या की आशंका जताई थी । 

लेखक श्री शॉन एटवुड अपने पुस्तक ‘हु किल्ड एप्स्टीन’ ( प्रकाशन वर्ष 2021) लिखी। जिसमें उन्होंने जेफ़री की मौत से पहले सीसीटीवी का ऑफ होना , गार्ड्स का सो जाना या फिर ऑनलाइन शॉपिंग में व्यस्त हो जाना आदि का जिक्र किया। जो ये साबित करता है कि ये खुद को बचाये रखने के लिए की गई हत्या थी। ग़लत हमेशा ही ग़लत होता है। किसी के रसूखदार या ख्यातिप्राप्त होने से वह सही नहीं बन जाता। लेकिन जब कोई प्रसिद्धि के चरम पर होता है तब उसे अपने हर ग़लत कार्य को भी सही जस्टिफाई करने लगता है। स्थिति बदलती तब है जब उसकी पॉवर , प्रसिद्धि और पैसा तीनों कम होने लगता है। तबसे समझ आता है कि पास्ट में उसने ये क्या कर डाला। 

अमरीका इतिहास के सबसे बड़े यौन अपराधी एप्स्टीन की संदिग्ध मौत के कारणों और षड्यंत्रों की तलाश करती यह पुस्तक आज के दौर में ज़रूर पढ़ी जानी चाहिए ताकि एप्स्टीन स्कैंडल में हो रहे खुलासों के सारे संदर्भ समझ में आ सके और बड़े लोग असल में बड़े होने के पीछे कितनी छोटी सोच के होते हैं ये समझा जा सके। 

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